Wednesday, December 8, 2010

ख्वाबों का सवेरा...

वादा है की हम जहाँ भी जायेंगे...
आपके ख्वाबों की सुबह लायेंगे,

क्या हुआ जो दुनियां ने छोड़ दिया हमको,
क्या हुआ जो अपनों ने तोड़ दिया हमको,
है हौशला अब भी जहान बदलने का,
इस आग के दरिया को पार करने का...

बस, एक, साथ आपका हमे चाहिए,
विश्वाश का एक हाथ हमे चाहिए,

फिर राम का साम्राज्य आप पाएंगे...
वादा है....
 की हम जहाँ भी जायेंगे...
आपके ख्वाबों की सुबह लायेंगे..