Tuesday, March 6, 2012

विरह के पल...
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जीवन तो तेरे रंग में रंगा है,इसपे चढ़े न दूजा रंग,
फिर लाल, हरा, पिला, नीला, क्या करूँगा इनके संग,
ये कान्हा की कैसी मजबूरी है, अबकी राधा के संग दूरी है,
जब मन कही और तन कही हो, तो काहे की हुड़दंग,

अबकी बार मन कुछ विचलित है, कैसे करे मलंग,
रह-रह कर एक विरह वेदना, कर देती दिल को तंग,
याद आती फिर पिछली होली, इनकार की वो मीठी बोली,
अब रेतीले चारदीवारियों में, मैं ढूँढू प्यार के रंग,

जीवन तो तेरे रंग में रंगा है,इसपे चढ़े न दूजा रंग,
फिर लाल, हरा, पिला, नीला, क्या करूँगा इनके संग,
                                                           दिलवाला...

Thursday, January 19, 2012

जीने की चाहत

ज़िन्दगी को ऐसे जीना,
              ज्यों बूंद-बूंद बरसात हो,
जीने की चाहत,प्यास तुम्हारी,
             और सागर तक का साथ हो !!

फिर अनजान कहाँ हम तुम,
            कुछ हममे भी तो बात हो,
पर बैठे हो तुम ऐ हमराही,
            ज्यों बुलबुलों का साथ हो !!

क्षणिक साथ,क्षण भर की चाहत,
                  फिर दर्द के पास आने की आहट,
दिल को ऐसे डरा देती,
                   ज्यों बिजली की सौगात हो,
जीने की चाहत,प्यास तुम्हारी,
                   और सागर तक का साथ हो !!

एक पल में अपना फिर पराया,
                   ज्यों छटता हो बादल का साया,
फिर निखर के आती चमक चांदनी,
                    ज्यों महफ़िल में माहताब हो !!
 
जीने की चाहत,प्यास तुम्हारी,
                   और सागर तक का साथ हो !!

                                          
                                            दिलवाला......

Monday, October 17, 2011

...दिल की हशरत...


दिल में एक हशरत है बाकि,
की दम तेरी बांहों में निकले,
जो पल तेरी आरजू में गवाए हमने,
वो पल तेरी पलकों की पनाह में मिले,

जाते हुए भी चूम लू तेरी हथेलियों को,
तेरी गेसुओं की छांव भी अपने साथ ले लूँ,
ये वक़्त रेत है, यूँ ही फिसलता जायेगा,
जीवन के आखिरी पल में, इतना तो तेरा साथ ले लूँ,

मिन्नत खुदा से बस इतनी सी है,
की तेरी यादों के पल यहाँ भी मिले, वहां भी मिले,
जो पल तेरी आरजू में गवाएं हमने,
वो पल तेरी पलकों की पनाह में मिले,

दिल में एक हशरत है बाकि, की दम तेरी बाँहों में निकले.... 
                                                                                                                                                             दिलवाला...

Saturday, August 6, 2011

......दोस्त.....

एक दोस्त मिला ऐसा जिसने वफ़ा किया,
सौ ज़ुल्म हुए उसपे, उसने न कुछ कहा,
एक दोस्त मिला ऐसा जिसने वफ़ा किया..

मैं बेखबर था उससे दुनिया की रंग में,
वो साया बन के रहता था हरदम संग में,
एक आंधी चली अचानक, जिसकी न थी खबर,
वो बोल के चला गया तुझे लग जाये मेरी उम्र,
मेरी दोस्ती की खातिर सबको भुला दिया,
एक दोस्त मिला ऐसा जिसने वफ़ा किया...
एक दोस्त मिला ऐसा जिसने वफ़ा किया...


"मेरे दोस्त, मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है...."
                                                  दिलवाला...

Tuesday, June 7, 2011

.......तमन्ना....

मैंने अपने पलकों पे तमन्ना को सजा रखा है,
दिल में एक एह्शास की शम्मां को जला रखा है,
इंतज़ार में हूँ, इस बरसात को आने दो,
न चल पायेगा फिर मोतियों का पता,
कुछ इस तरह से उनको आँखों में सजा रखा है...
                                      दिलवाला....

Sunday, June 5, 2011

.......तमन्ना.....

आज सुबह उठते ही मैंने दर्पण देखा,
लेकिन ये क्या उसमे मैं नहीं हूँ,
वो तो तमन्ना है, मगर...
आज तमन्ना बड़ी उदास है,
उसकी आँखों में मोती जो है,
और रूह कही जाने को तैयार नहीं,
क्योकि उसकी तमन्ना उदास है...
बहुत सोचा, बहुत ढूँढा फिर,
अचानक उसकी आँखों में देखा,
उसकी नयी आँखों में आज भी वो ही पुराने ख्वाब थे,
फिर रूह को हिम्मत मिली...
और वो चल पड़ी, तमन्ना की खुशी ढूँढने...
ख्वाब पुरे करने....
दुनिया की भीड़ में,
अकेले, अपनी तमन्ना के साथ...

"क्योंकि वक़्त के साथ तमन्ना और भी गहरी और विशाल होती जाती है...."
                                                                                           दिलवाला...

Thursday, May 26, 2011

.....तमन्ना.....


क्या कहे की जिसके पास तमन्ना नहीं होती,
ज़िन्दगी में उनके कोई शम्मां नहीं होती,
मुमकिन नहीं है पल भर भी तमन्ना को भूलना,
वरना धडकनों के साथ वो नादाँ नहीं होती...!!!
                                             दिलवाला....