की दम तेरी बांहों में निकले,
जो पल तेरी आरजू में गवाए हमने,
वो पल तेरी पलकों की पनाह में मिले,
जाते हुए भी चूम लू तेरी हथेलियों को,
तेरी गेसुओं की छांव भी अपने साथ ले लूँ,
ये वक़्त रेत है, यूँ ही फिसलता जायेगा,
जीवन के आखिरी पल में, इतना तो तेरा साथ ले लूँ,
मिन्नत खुदा से बस इतनी सी है,
की तेरी यादों के पल यहाँ भी मिले, वहां भी मिले,
जो पल तेरी आरजू में गवाएं हमने,
वो पल तेरी पलकों की पनाह में मिले,
दिल में एक हशरत है बाकि, की दम तेरी बाँहों में निकले....
दिलवाला...