Wednesday, December 8, 2010

ख्वाबों का सवेरा...

वादा है की हम जहाँ भी जायेंगे...
आपके ख्वाबों की सुबह लायेंगे,

क्या हुआ जो दुनियां ने छोड़ दिया हमको,
क्या हुआ जो अपनों ने तोड़ दिया हमको,
है हौशला अब भी जहान बदलने का,
इस आग के दरिया को पार करने का...

बस, एक, साथ आपका हमे चाहिए,
विश्वाश का एक हाथ हमे चाहिए,

फिर राम का साम्राज्य आप पाएंगे...
वादा है....
 की हम जहाँ भी जायेंगे...
आपके ख्वाबों की सुबह लायेंगे..

7 comments:

  1. सुंदर वादा.......

    http://veenakesur.blogspot.com/

    ReplyDelete
  2. bahut hi saarthak post //
    likhte rahe...
    mere bhi blog par aaye //
    http://babanpandey.blogspot.com

    ReplyDelete
  3. बेहद मनमोहक काव्य रचना......ह्रदय को स्पर्श करती..... मेरा ब्लागःः"काव्य कल्पना" आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे...धन्यवाद.....

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| आभार|

    ReplyDelete
  5. अच्छी कविता .होसला यूँ ही बना रहे.

    ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है।
    क्रिएटिव मंच आप को हमारे नए आयोजन
    'सी.एम.ऑडियो क्विज़' में भाग लेने के लिए
    आमंत्रित करता है.
    यह आयोजन कल रविवार, 12 दिसंबर, प्रातः 10 बजे से शुरू हो रहा है .
    आप का सहयोग हमारा उत्साह वर्धन करेगा.
    आभार

    ReplyDelete
  6. aap sbon ka bahut-bahut sukriya... aur haushala-aafjaahi ka lakh-lakh sukriya..ummid hai aap yun hi meri kalam ka saath dete rahenge.. aur ek din is puri duniya to sunahari roshnai se bhar denge.. dhanyawad.

    ReplyDelete
  7. हिन्दी ब्लाग-जगत में आपके नव-आगमन का स्वागत है, उम्मीद है आप शीघ्र ही सफलता के नये सोपानों का स्पर्श करते हुए अपने इस ब्लाग को सफलता के उच्च शिखर पर स्थापित कर सकेंगे । शुभकामनाओं सहित...
    इन्सानियत की श्रेष्ठतम मिसाल- देखिये लघु संस्मरण "प्रेरक प्रसंग- दरियादिली"
    www.najariya.blogspot.com 'नजरिया'
    और हाँ यदि आपको ये ब्लाग पसन्द आवे तो कृपया समर्थक सूचि में शामिल होकर इसे अपना समर्थन अवश्य प्रदान करें । धन्यवाद.
    यदि आप इसे अपना समर्थन देते हैं तो एक समर्थक अपने ब्लाग पर भी बढा लेंगे.

    ReplyDelete