हमे हर वक़्त सिर्फ उनका ख्याल है,
इसलिए नहीं की मेरा प्यार बेमिसाल है,
कांटे चमन के कफ़न है हमारे,
गुलाबों से उनकी जिंदगी खुशहाल है,
प्यार करने की जग में इजाजत नहीं,
उनको याद करना भी एक सवाल है,
दुनिया-वाले जुदाई की देंगे सजा ,
गर पता चल गया हमे किसका ख्याल है....
यूँ तो अक्सर ख्याल मन में आते रहते है,लेकिन खयालों को शब्दों की मोतियों से सजाना एक अलग बात है... और इस कला में निपुण मेरे गुरु स्वर्गीय श्री हरिवंश राय बच्चन (मेरे दिल ने उनको ही अपना गुरु मन है...हालाँकि मैंने उनको न तो देखा है और न उनके बारे में ज्यादा जानता हूँ...मगर फिर भी उनकी मधुशाला हर एक की जिंदगी का दर्शन है ऐसा मेरा मानना है...)हैं ,उम्मीद है की मेरी ये पहली कविता आप लोगों को पसंद आएगी और मुझे आगे लिखने के लिए प्रेरित करेंगे..
आपके ख्वाब में निरंतर
आपका,
दिलवाला...
nice one from u, as expected,i want more like this one...
ReplyDeleteI wish may god bless you for more more innovative thought and such beautiful thought.
ReplyDeletekafi aacha hai.aur bhi yese hi kavita likhte rahna.take care
ReplyDeletevery gud dear....wish u all d best....i m proud of u my friend.....alwz keep smile....take care...
ReplyDeletenice poem Navin jee.read karte samay meri saso ke sahare kab dil tak pahunch gayi pata hi na chala.
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