तन्हाई कुछ समझती नहीं ,
अक्सर कुछ समझाती है...
जब दिल में भरा हो प्यार बहुत ,
तो अक्सर ये आ जाती है...
दिल में रहने वाला कोई ,
पास नहीं जब होता है..
तो रोती है आँखें बिफर बहुत ,
या सुकून बहुत पा जाती हैं..
बिछड़ा प्यार याद आता है ,
या गहरी सोच बुलाती है...
तब तन्हाई का गौर वर्ण ,
या नीली आँखें दिख जाती है..
'दिलवाले' को कोई बता दो ,
की कैसी ये आ जाती है...
मै अकेला हो जाता हूँ,
या ये अकेले में ले जाती है...
अगर पता हो तो ये भी बताओ ,
अक्सर चीजों को खोजने-वाले ,
तन्हा ही क्यों रहते है ,
और प्यार करने-वाले ,
क्यों तन्हाई से डरते है...
दिलवाला...
अक्सर कुछ समझाती है...
जब दिल में भरा हो प्यार बहुत ,
तो अक्सर ये आ जाती है...
दिल में रहने वाला कोई ,
पास नहीं जब होता है..
तो रोती है आँखें बिफर बहुत ,
या सुकून बहुत पा जाती हैं..
बिछड़ा प्यार याद आता है ,
या गहरी सोच बुलाती है...
तब तन्हाई का गौर वर्ण ,
या नीली आँखें दिख जाती है..
'दिलवाले' को कोई बता दो ,
की कैसी ये आ जाती है...
मै अकेला हो जाता हूँ,
या ये अकेले में ले जाती है...
अगर पता हो तो ये भी बताओ ,
अक्सर चीजों को खोजने-वाले ,
तन्हा ही क्यों रहते है ,
और प्यार करने-वाले ,
क्यों तन्हाई से डरते है...
दिलवाला...
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